Farmer Results: Real Fields, Real Soil, Real Change
See real farmer results, testimonials, and field photos from Dharni Navjeevan Soil Regenerator users across India’s farms, nurseries, and orchards.
रामू शुक्ला, ग्राम - कुकलाह, जिला - गंज बासौदा, मध्य प्रदेश
फसल: सोयाबीन | खेत का आकार: [१ एकड़]
“पहले बारिश के कुछ दिन बाद ही खेत की मिट्टी सूखने लगती थी। धरणी नवजीवन डालने के बाद मिट्टी में नमी ज्यादा दिन तक टिकती है। जड़ें भी पहले से मजबूत दिख रही हैं, और अब उतनी रासायनिक खाद नहीं डालनी पड़ती जितनी पहले डालते थे।”
संतोष नेताम, ग्राम - कोरासी, जिला - रायपुरला, छत्तीसगढ़
फसल: गेहूं | खेत का आकार: [३८ एकड़]
“एक-दो सीजन में ही मिट्टी में फर्क महसूस हुआ। धरणी नवजीवन डालने के बाद मिट्टी अब भुरभुरी और नरम लगती है, पहले जैसी सख्त नहीं। खाद पर खर्चा भी थोड़ा कम हुआ है।”
रामलाल साहू, ग्राम - पिरदा, जिला - महासमुंद, छत्तीसगढ़
फसल: धान | खेत का आकार: [५ एकड़]
“धान की खेती में पहले पानी जल्दी खत्म हो जाता था और मिट्टी सख्त हो जाती थी। धरणी नवजीवन इस्तेमाल करने के बाद मिट्टी में नमी ज्यादा समय तक बनी रहती है। पौधों की बढ़वार भी अच्छी हुई है और रासायनिक खाद की जरूरत पहले से कम पड़ रही है।”
राजेश यादव, ग्राम - देवरी, जिला - दुर्ग, छत्तीसगढ़
फसल: मक्का | खेत का आकार: [७ एकड़]
“धरणी नवजीवन डालने के बाद खेत की मिट्टी पहले से ज्यादा मुलायम और भुरभुरी हो गई है। फसल की जड़ें मजबूत दिखती हैं और पौधों का विकास भी बेहतर हुआ है। अब उर्वरकों पर खर्च पहले जितना नहीं करना पड़ता।”
कमलेश पटेल, ग्राम - खैरागढ़, जिला - राजनांदगांव, छत्तीसगढ़
फसल: चना | खेत का आकार: [४ एकड़]
“पहले खेत में नमी जल्दी खत्म हो जाती थी, जिससे फसल पर असर पड़ता था। धरणी नवजीवन के उपयोग के बाद मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार महसूस हुआ है। अब फसल स्वस्थ दिखती है और खाद का उपयोग भी थोड़ा कम करना पड़ रहा है।”
लखन लाल वर्मा, ग्राम - सोनाखान, जिला - बलौदाबाजार, छत्तीसगढ़
फसल: अरहर | खेत का आकार: [६ एकड़]
“दो सीजन से धरणी नवजीवन का उपयोग कर रहा हूँ। मिट्टी पहले की तुलना में ज्यादा उपजाऊ और नरम महसूस होती है। पौधों की बढ़वार अच्छी है और रासायनिक खाद की मात्रा भी पहले से कम करनी पड़ रही है।”
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